Mirza Ghalib Shayari in Hindi 2022 (April) | Ghalib Shayari Hindi | Ghalib Shayari on Love

Mirza Ghalib Shayari in Hindi मिर्जा गालिब साहब का जन्म आगरा में 27 दिसंबर 1797 में हुआ था | मिर्जा गालिब जी का पूरा नाम मिर्जा असद उल्लाह बैग का उर्फ ग़ालिब था | इस पोस्ट में,मिर्जा गालिब साहब की कुछ चुनिंदा (Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi) शायरियां आपके लिए लाए हैं। अगर यह पोस्ट कैसी लगी हमें जरूर बताइएगा !

मिर्जा गालिब का नाम उनके हर चाहने वाले के दिल पर आज भी उसी प्यार से राज करता है, जिस तरह उनके जमाने में किया करता था । एक बार जरूर पढियेगा मिर्जा गालिब साहब की कुछ बेहतरीन शायरियां जो आपका दिल छू लेगी ।

Mirza Ghalib Shayari in Hindi

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मशरूफ रहने का अंदाज़ तुम्हें तनहा ना कर दे ग़ालिब
रिश्ते फुर्सत के नहीं तवज्जो के मोहताज़ होते हैं

हमको मालूम है जन्नत की हकीक़त लेकिन
दिल को खुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है

मौत पे भी मुझे यकीन है
तुम पर भी ऐतबार है
देखना है पहले कौन आता है
हमें दोनों का इंतज़ार है

जिसे “मैं “की हवा लगी
उसे फिर न दवा लगी न दूआ लगी

हमें पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो
हमारा शहर तो बस यूँ ही रास्ते में आया था

जब लगा था तीर तब इतना दर्द नहीं हुआ था ग़ालिब
ज़ख्म का एहसास तब हुआ जब कमान देखी अपनों के हाथ में

Ghalib Shayari Hindi

Ghalib Shayari in English
Ghalib Shayari in English

वो उम्र भर कहते रहे तुम्हारे सीने में दिल नहीं
दिल का दौरा क्या पड़ा ये दाग भी धुल गया

मेरे पास से ग़ुजर कर मेरा हाल तक न पूछा
मैं ये कैसे मान जाऊ के वो दूर जाकर रोये

hindi shayari by mirza galib

उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़,
वो समझते है कि बीमार का हाल अच्छा है।

Un Ke Dekhe Se Jo Aa Jati Hai Munh Pe Raunak – Galib
Wo Samjhate Hai Ki Bimaar Ka Hal Achchha Hai.

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले॥

Hazaron Khwahishein Aisi Ki Har Khwahish Pe Dam Nikle,
Bahut Nikle Mere Armaan Lekin Fir Bhi Kam Nikle.

Mirza Ghalib Romantic Shayari

हम तो फना हो गए उसकी आंखे देखकर – गालिब,
न जाने वो आइना कैसे देखते होंगे।

Hum To Fana Ho Gaye Uski Aankhein Dekhkar – Ghalib,
Naa Jane Wo Aaina Kaise Dekhte Honge.

हम जो सबका दिल रखते है
सुनो, हम भी एक दिल रखते है

Hum Jo Sabka Dil Rkhte Hai,
Suno Hum Bhi Ek Dil Rakhte Hai.

Ghalib Shayari on Love

Ghalib Shayari in English
Ghalib Shayari in English

हम भी दुश्मन तो नहीं है अपने
ग़ैर को तुझसे मोहब्बत ही सही

Hum Bhi Dushman To Nahi Hai Apne,
Gair Ko Tujh Se Mohabbat Hi Sahi.

Mirza Ghalib Love Shayari

Mirza Ghalib Shayari in Hindi

इश्क़ पर जोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’
कि लगाये न लगे और बुझाये न बुझे

मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का।
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।

Mirza ghalib Shayari in Hindi 2 Lines

कितना ख़ौफ होता है शाम के अंधेरों में।
पूछ उन परिंदों से जिनके घर नहीं होते।

काबा किस मुँह से जाओगे ‘ग़ालिब’।
शर्म तुम को मगर नहीं आती।।

थी खबर गर्म, के ग़ालिब के उड़ेंगे पुर्ज़े,
देखने हम भी गए थे, पर तमाशा न हुआ.!

Unke Dekhne Se Jo,
Aa Jaati Hai Muhh Par Ronak,
Vo Samajhte Hain Ki,
Bimar Ka Haal Accha Hai.!

तेरी दुआओं में असर हो तो, मस्जिद को हिला के दिखा,
नहीं तो दो घूँट पी और मस्जिद को हिलता देख.!

बाजीचा-ऐ-अतफाल है दुनिया मेरे आगे,
होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे.!

Hazaron Khwaishein Aisi Ki,
Har Khwashish Pe Dam Nikle,
Bahut Nikle Mere Arman Lekin,
Phir Bhi Kam Nikle.!

Ghalib Shayari on Life

Ishrat-e-qatra Hai,
Dariya Mein Fanaa Ho Jaana
Dard Ka Had Se Guzarna Hai,
Dava Ho Jaana..!

Hum Ko Maalum Hai,
Jannat Ki Haqiqat Lekin,
Dil Ke Khush Rakhne Ko,
Ghalib Ye Khayal Achha Hai.!

Mohabbat Mein Nahin Hai Fark,
Jeene Aur Marne Ka,
Usi Ko Dekh Kar Jeete Hain,
Jis Kafir Pe Dam Nikle.!

भीगी हुई सी रात में जब याद जल उठी,
बादल सा इक निचोड़ के सिरहाने रख लिया.

Bheegi Huyi Raat Me Jab Yaad Jal Uthi,
Badal Sa Ek Nichod Ke Sarhane Rakh Liye. –
Mirza Ghalib

मेरे कातिल भी परेशान है मेरे चाहने वालो की दुआ से,
जब भी वार करते है खंजर टूट जाते है.

Mere Qatil Bhi Pareshan Hai Mere Chahne Valo Ki Dua Se,
Jab Bhi Karte Hai Khanjar Toot Jate Hai. – Mirza Ghalib

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है.

Rago Me Daudte Firne Ke Ham Nahi Kiel, Jab Aankh Hi
Se Na Tapka To Fir Lahu Kya Hai. – Mirza Ghalib

एक एक क़तरे का मुझे देना पड़ा हिसाब,
ख़ून-ए-जिगर वदीअत-ए-मिज़्गान-ए-यार था.

Ek Ek Katre Ka Mujhe Dena Pada Hisaab, Khoon-Ae-Zigar
Vadiat-Ae Mijgaan -Ae-Yaar Tha. – Mirza Ghalib

चाँदनी रात के खामोश सितारों की कसम,
दिल में अब तेरे सिवा कोई भी आबाद नहीं।

Chaandni Raat Ke Khamosh Sitaron Ki Kasam,
Dil Mein Ab Tere Siwa Koyi Bhi Aabaad Nahi.

Ghalib Shayari in English

आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,
मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।

Aata Hai Daag-e-Hasrat-e-Dil Ka Shumaar Yaad,
Mujhse Mere Gunaah Ka Hisaab Ai Khudaa Na Maang.

ता फिर न इंतज़ार में नींद आये उम्र भर,
आने का अहद कर गये आये जो ख्वाब में।

Ta Fir Na Intezaar Mein Neend Aaye Umr Bhar,
Aane Ka Ahed Kar Gaye Aaye Jo Khwaab Mein.

दिल गंवारा नहीं करता शिकस्ते-उम्मीद,
हर तगाफुल पे नवाजिश का गुमां होता है।

ग़ालिब बुरा न मान जो वाइज़ बुरा कहे,
ऐसा भी कोई है कि सब अच्छा कहें जिसे?

Ghalib Bura Na Maan Jo Waaiz Bura Kahe,
Aisa Bhi Koi Hai Ke Sab Achha Kahein Jisse?

ज़िन्दगी अपनी जब इस शक्ल से गुज़री,
हम भी क्या याद करेंगे कि ख़ुदा रखते थे।

Zindagi Apni Jab Iss Shakl Se Gujri,
Hum Bhi Kya Yaad Karenge Ki Khuda Rakhte The

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We have created this blog founded in 2022 and founder of this blog is “Suman Yadav”. We are dedicated to providing best Shero-Shayari in Hindi and English for our visitors.

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